### 👻 पीपल के पेड़ वाला भूत
बिहार के एक छोटे से गाँव में **रमेश** नाम का एक लड़का रहता था। गाँव के बाहर एक बहुत पुराना पीपल का पेड़ था। लोग कहते थे कि रात के समय उस पेड़ के पास जाने वाला कभी अकेला वापस नहीं आता।
एक रात रमेश अपने दोस्त के घर से लौट रहा था। रात के करीब **12 बजे** थे। रास्ता छोटा करने के लिए वह उसी पीपल के पेड़ के पास से जाने लगा।
जैसे ही वह पेड़ के पास पहुँचा, उसे किसी औरत के रोने की आवाज सुनाई दी।
**“बचाओ... कोई है... मुझे बचाओ...”**
रमेश डर गया, लेकिन उसने आवाज की तरफ देखा। पेड़ के नीचे सफेद साड़ी पहने एक औरत बैठी थी।
रमेश ने पूछा,
**“आप कौन हैं? इतनी रात में यहाँ क्या कर रही हैं?”**
औरत ने धीरे-धीरे अपना चेहरा ऊपर उठाया।
उसका चेहरा देखकर रमेश के होश उड़ गए। उसकी आँखें पूरी तरह काली थीं और पैर जमीन से ऊपर हवा में थे।
रमेश पीछे हटने लगा।
तभी औरत ने भयानक आवाज में कहा—
**“तुम... मुझे घर तक छोड़ने चलोगे?”**
रमेश बिना कुछ बोले भागने लगा।
लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उसे महसूस हुआ कि उसके पीछे कोई चल रहा है।
**छन... छन... छन...**
पायल की आवाज लगातार उसके पीछे आ रही थी।
रमेश ने पीछे मुड़कर देखा।
वही औरत उसके पीछे खड़ी थी।
उसने मुस्कुराकर कहा—
**“मैंने कहा था ना... मुझे घर तक छोड़कर जाना।”**
रमेश डर के मारे बेहोश हो गया।
सुबह गाँव वालों ने उसे उसी पीपल के पेड़ के नीचे पाया।
जब रमेश को होश आया तो उसने सारी बात बताई।
गाँव के बुजुर्ग ने कहा—
**“वह औरत बीस साल पहले इसी पेड़ के पास मरी थी। तब से हर अमावस्या की रात वह किसी राहगीर का इंतजार करती है।”**
उस दिन के बाद रमेश ने कभी रात में उस रास्ते पर जाने की हिम्मत नहीं की।
लेकिन गाँव वाले आज भी कहते हैं...
**अमावस्या की रात उस पीपल के पेड़ के पास से गुजरते समय अगर पायल की आवाज सुनाई दे... तो पीछे मुड़कर मत देखना।**
क्योंकि अगर तुमने पीछे मुड़कर दे
ख लिया...
**तो शायद वह तुम्हें भी अपने साथ ले जाए।** 👻


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