## 🌙 चंदा मामा की कहानी
एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में **गुड़िया** नाम की एक प्यारी बच्ची रहती थी। उसे रात में आसमान के चमकते चाँद को देखना बहुत पसंद था। वह रोज अपनी दादी से पूछती, “दादी, चंदा मामा इतने दूर क्यों रहते हैं?”
दादी मुस्कुराकर कहतीं, “बेटी, चंदा मामा आसमान से पूरी दुनिया के बच्चों को रोशनी और खुशियाँ देते हैं।”
एक रात गुड़िया ने खिड़की से चाँद को देखा और बोली, “चंदा मामा, क्या आप मेरे दोस्त बनोगे?”
अचानक चाँद की रोशनी और तेज हो गई। गुड़िया को लगा जैसे चंदा मामा मुस्कुराकर कह रहे हों, “हाँ गुड़िया, मैं तुम्हारा दोस्त हूँ।”
उस रात गुड़िया ने सपना देखा कि वह चाँद पर पहुँच गई है। वहाँ चमकते तारों के बीच चंदा मामा ने उसका स्वागत किया। उन्होंने उसे चाँद का सुंदर महल दिखाया, जहाँ चाँदी जैसी चमक थी।
चंदा मामा बोले, “गुड़िया, मैं हर रात आसमान में इसलिए आता हूँ ताकि अँधेरे में किसी बच्चे को डर न लगे।”
गुड़िया ने पूछा, “लेकिन जब बादल आपको ढक लेते हैं, तब क्या होता है?”
चंदा मामा हँसकर बोले, “तब मैं बादलों के पीछे छिपकर भी बच्चों को अपनी रोशनी भेजता रहता हूँ।”
सुबह गुड़िया की आँख खुली तो वह अपने बिस्तर पर थी। उसने खिड़की से आसमान की ओर देखा। चाँद जा चुका था, लेकिन उसके मन में चंदा मामा की प्यारी याद रह गई।
उस दिन से गुड़िया जब भी रात में चाँद देखती, मुस्कुराकर कहती—
**“शुभ रात्री चंदा मामा, कल फिर मिलने आना।”** 🌙✨
**सीख:** सच्चा दोस्त दूर रहकर भी हमारी खुशी
और हिम्मत बढ़ा सकता है।

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